बड़सर लोक निर्माण विभाग की संपत्ति को रसूखदार लोग नष्ट कर देते हैं, और अपना कब्जा जमाए हुए हैं। लगभग 30 वर्ष पहले बिझड़ी मैहरे सड़क मार्ग पर सरला बडडू चौक के पास लोक निर्माण विभाग ने जनमानस की सुविधा को देखते हुए एक रेनशेल्टर वनाया था। ताकि आम जनमानस कड़ी धूप या फिर भारी बरसात में वर्षा बालिका में थोड़ी देर के लिए अपना बचाव कर सकें। 30 साल पहले हुआ था निर्माण वर्षा बालिका लगभग 30 वर्ष पहले निर्मित की गई थी। एक अनुमान के मुताबिक उस समय इसके निर्माण पर लगभग 90 हजार रुपए खर्च आया होगा। परंतु किसी रसूखदार व्यक्ति ने वहां से रैन शटर को गिरा दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि कोई रसूखदार उसे अपनी निजी भूमि बता रहा है। नियमों की हो रही अनदेखी अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है अगर निजी भूमि पर वर्षा शालिका बनी है तो क्या उस भूमि की विभाग के सामने निशानदेही हुई है यह ना हुई है। ऐसे जो पेचीदा मामले होते हैं उसमें कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाता है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही सरकारी संपत्ति को वहां से हटाया जा सकता है, परंतु नियमों की अनदेखी करते हुए रसूखदार व्यक्ति ने रेनशेल्टर को वहां से गिरा दिया है। अब उस जगह पर कब्जा करने की कोशिश हो रही है। झलक रही विभाग की लापरवाही एक दर्जन स्थानीय लोगों ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि जिस जगह पर लोक निर्माण विभाग ने वर्षा शालिका बनाई गई थी, वो किसी व्यक्ति को नोतोड़ के रूप में मिली है। उक्त जगह पर कोई व्यक्ति अपना कब्जा बता रहा है। ऐसे में विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 30 वर्ष पहले लगभग 90 हजार से निर्मित वर्षा शालिका वहां से उखाड़ देने के बाद विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है। PWD अधिकारी को कोई जानकारी नहीं आज अगर वर्षा शालिका का निर्माण करना हो तो उसके लिए लगभग 2 लाख से लेकर 10 लाख तक धनराशि खर्च होती है। इस बारे में जब बड़सर पीडब्ल्यूडी अधिकारी राजेंद्र पाल से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इतना कहकर उन्होंने फोन रख दिया कि जरूरी मीटिंग में हूं, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।