यह यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और कड़ी सुरक्षा के बीच 52 दिनों के बाद समाप्त हो रही है। यह यात्रा रक्षा बंधन के त्योहार के साथ ही ‘श्रावण पूर्णिमा’ के अवसर पर संपन्न होगी।
यह यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और कड़ी सुरक्षा के बीच 52 दिनों के बाद समाप्त हो रही है। यह यात्रा रक्षा बंधन के त्योहार के साथ ही ‘श्रावण पूर्णिमा’ के अवसर पर संपन्न होगी।