इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि इसे क्रूर व्यवहार नहीं कहा जा सकता। शख्स ने 14 साल पहले मुरादाबाद की फैमिली कोर्ट में पत्नी के खिलाफ क्रूरता के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की थी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि इसे क्रूर व्यवहार नहीं कहा जा सकता। शख्स ने 14 साल पहले मुरादाबाद की फैमिली कोर्ट में पत्नी के खिलाफ क्रूरता के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की थी।