विश्व मे प्राचीन लोकतंत्र के लिए प्रसिद्ध मलाणा गांव का एक अगस्त को बादल फटने से आई बाढ़ के कारण संपर्क कट गया है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से राशन की सबसे बड़ी समस्या हो रही है। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से राशन पहुंचाने की व्यवस्था तो कर ली, वहां तक राशन पहुंचाने के प्रयास विफल हुए। आज भी हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर पाया और मलाणा वासियों को पुनः निराश होना पड़ा। मलाणा वासियों ने स्वयं बनाया है हेलीपैड मलाणा गांव के लोगों के सामने जब राशन समस्या खड़ी हुई तो हेलीकॉप्टर से राशन की व्यवस्था करने बात हुई। जिसके बाद उन्होंने खुद युद्ध स्तर पर काम करके दो दिनों में हेलीपैड बनाकर तैयार कर दिया। हेलीकॉप्टर ने तीन बार भरी उड़ान मलाणा के लिए हेलीकॉप्टर ने गत दिवस दो बार और शनिवार की सुबह एक बार उड़ान भरी, लेकिन लैंडिंग नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि हेलीपैड के आसपास पेड़ हैं जिस कारण लैडिंग करना कठिन हो रहा है। हेलीकॉप्टर को देखने उमड़ा जमावड़ा मलाणा में पहली बार हेलीकॉप्टर पहुँचा ।हेलिकॉप्टर देखने के लिए मलाणा वासी खासे उत्साहित नजर आए। तीनों बार हेलीपैड के आसपास लोगों का काफी जमाबड़ा लगा रहा। अब रोप वे से पहुंचाया जा रहा राशन सीपीएस एवं कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर से इस बाबत बात की तो उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से मलाणा को राशन ले जाने की योजना लैडिंग न होने कारण फेल हुई। मंदिर के ऊपर दे हेलीकॉप्टर ले जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। अब राशन रोप-वे के माध्यम राशन पहुंचाया जा रहा है। ख़ाद्य आपूर्ति विभाग भी प्रतिदिन राशन की सप्लाई कर रहा । शोभला न्यास की ओर से भी दो लाख की सहायता मलाणा वासियों को दी है। मलाणा तक स्थायी तौर पर रोप-वे का निर्माण किया जाएगा।