सिरमौर जिले में निर्माणधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर उतरी के समीप बड़ा लैंडस्लाइड हुआ है। NH- 707 पर पहाड़ी से बड़ी चट्टाने आने से सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। वहीं स्थानीय लोगों के इसे मानव निर्मित भूस्खलन करार दिया है। उन्होंने कहा कि बरसात के समय में अंडर कटिंग से सड़क पर आई बड़ी बड़ी चट्टानें आ गई है। जिसके कारण यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में भी कम्पनी का अंडर कट का कार्य जारी जिसकी वजह से यह पूरा लैंड स्लाइड हुआ है। लोगों ने कम्पनी और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए है। सड़कों पर फैली चट्टानें ​​ जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग 707 फेस 3 का कार्य कर रही HES इंफ्रा कंपनी की सबलेट कम्पनी रुदनव इंफ्रा कम्पनी ने बरसात के दिनों में भी कटिंग का कार्य जारी रखा है। जिससे उतरी के समीप भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है। यह भूस्खलन देर रात 2 बजे के करीब हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर मार्ग का कार्य कर रही कम्पनी द्वारा क्रेशर और पैरापिट बनाने के लिए बरसात के दिनों में भी पहाड़ पर अंडर कट लगाया है। जिसके चलते पहाड़ का बड़ा हिसा टूट गया है। पहाड़ का बड़ा हिसा टूटने से यहां लोगों की निजी भूमि को भी भारी नुकसान हुआ है। भूखंड के इस मलबे में बड़ी-बड़ी चट्टानों गिरी है तो वहीं बड़ी बड़ी चट्टाने निचे लोगों की घासनियों तक भी पहुंच गई हैं। जिससे लोगों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मार्ग अवरुद्ध होने से अस्पताल जा रहे मरीज और स्कूल जा रही बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । रोक के बावजूद भी की जा रही कटिंग हैरान कर देने वाली बात यह है कि जहां बरसात के समय में पहाड़ों पर कटिंग पर रोक है। उसके बावजूद भी कम्पनी बरसात के समय अंडर कट लगा रही है। जिससे स्थानीय प्रशासन पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। ऐसे में लोगों ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर कार्य कर रही कंपनी को बरसात के दिनों में कटिंग पर रोक लगा दी जाएं तथा संबंधित कंपनी पर बरसात के समय पहाड़ों की कटिंग करने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इन्फ्रा कंपनी द्वारा की जा रही ब्लास्टिंग क्षेत्रीय लोगों की माने तो क्षेत्र में रुधनव इन्फ्रा कंपनी का कार्य घटिया है। इस कम्पनी ने सरेआम नियमों को ताक पर रखकर पहाड़ों पर ब्लास्टिंग की है। नदी और नालों सहित लोगों की घासनियों में जबरदस्ती करके मलबे के ढेर लगा दिए है। पहाड़ों पर मार्ग में आने वाले सभी पेयजल सोर्स को बंद कर दिया गया है। क्षेत्र की हरी भरी वनस्पति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हजारों बीघा उपजाऊ भूमि पर मार्ग का मलबा फेंका गया है। बावजूद उसके HN707 की हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है।

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