प्रीति सूदन यूपीएससी की नई चेयरपर्सन बनाई गई हैं। 1983 बैच की आईएएस अधिकारी प्रीति की नियुक्ति गुरुवार से लागू होगी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2025 तक होगा। प्रीति केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रही हैं और 2022 से यूपीएससी की सदस्य हैं। यूपीएससी की नवनियुक्त चेयरमैन प्रीति सूदन हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली हैं। वे नारायणगढ़ में एसडीएम के पद पर रह चुकी हैं। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमए अर्थशास्त्र किया है। आंध्र प्रदेश कैडर की अधिकारी सूदन ने महिला एवं बाल विकास, रक्षा मंत्रालय और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव के रूप में भी काम किया है। उन्हें प्रमुख बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत मिशन में अहम योगदान के लिए जाना जाता है। इसके अलावा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल आयोग और ई-सिगरेट पर प्रतिबंध पर कानून बनाने का क्रेडिट भी उन्हें ही जाता है। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क कन्वेंशन के लिए WHO के इंडिपेंडेंट पैनल के मेंबर के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा, सूदन ने वर्ल्ड बैंक के साथ सलाहकार के रूप में काम कर चुकीं हैं। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से इकोनॉमिक्स में mphil और सोशल पॉलिसी एंड प्लानिंग में MSc की डिग्री हासिल की है। 2022 में, पूर्व आईएएस अधिकारी प्रीति सूदन ने सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें तत्कालीन यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. मनोज सोनी ने शपथ दिलाई थी। डॉ. सोनी ने 28 जून 2017 से 15 मई 2023 तक संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में कार्य किया।