हिमाचल के कुल्लू में​​​​​​​ भुंतर संगम स्थल जिया गांव में कूड़ा प्रबंधन प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन का निरीक्षण करने गई जिला प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। भुंतर-मनिकर्ण सड़क मार्ग सिउंड के पास जमीन तलाशी जा रही है। इसी बीच जिया पंचायत के प्रधान संजीव कुमार उर्फ संजू पंड़ित के साथ जिया और भ्रेंण गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने एसडीएम कुल्लू के साथ प्रशासन की तमाम टीम को जिया में कूड़ा नियंत्रण लगाने को विरोध दर्ज किया। कूड़ा प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने जिया फोरलेन पुल के पास इकट्ठे होकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधान संजीव कुमार उर्फ संजू पंड़ित ने कहा कि एक साजिश के तहत जिया संगम के पास कूड़ा प्लांट लगाया जा रहा है, जिसे ग्रामीण कभी नहीं लगने देंगे। संगम की पवित्रता बनी रहे उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक संगम स्थल है इसकी पवित्रता के साथ किसी को भी छेड़खानी करने नहीं दी जाएगी। कहा कि गत वर्ष 9 जून को सर्वसहमति से ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि जिया में कूड़ा प्रबंधन का प्लांट न लगाया जाए। बाकायदा प्रस्ताव उपायुक्त कुल्लू को भी सौंपा गया है। देव स्थल से छेड़छाड़ सहन नहीं होगी पंचायत प्रधान संजीव कुमार और ग्रामीणों का कहना है कि जिया गांव पार्वती नदी किनारे बसा हुआ है और यह व्यास और पार्वती नदी का संगम स्थल है। जिला के अनेकों देवी-देवता यहां पवित्र स्नान करने आते हैं, इसलिए ग्रामवासियों ने कुडा प्रबंधन डंपिंग के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि जिया कुल्लू का सबसे बड़ा ऐतिहासिक संगम स्थल है। कूड़ा डंपिंग को कोई भी स्थान नहीं मिलेगा। यहां धार्मिक तिथियों व त्योहारों में जिला भर के देवी -देवता व श्रद्धालु पवित्र स्नान की डुबकी लगाने यहां आते हैं। पहाड़ी पर बिजली महादेव पहाड़ी के पर बिजली महादेव का स्थान हैं, तो वहीं गांव के बीच भी इनका मंदिर स्थापित है। कूड़ा प्रबंधन प्लांट से यहां का जलवायु दूषित होगा। जिया गांव के दोनों ओर व्यास व पार्वती नदियां बहती है और फिर गांव के अंतिम छोर में इनका मिलन होता है। पार्वती नदी के साथ मणिकर्ण की ओर से शुद्ध हवा का आगमन जिया गांव को होता है, लेकिन कूड़ा प्रबंधन प्लांट लगाने से यहां के जलवायु में जहर घोलने की तैयारी हो चुकी है । क्या कहते हैं एसडीएम ग्राम पंचायत जिया के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि गांव में कूड़ा प्रबंधन के लिए भूमि का निरीक्षण करने पहुंची टीम की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में रोष पनप गया है। गांववासियों का कहना है कि गांव में कहीं भी कूड़ा प्लांट नहीं लगने देंगे। प्रशासन इस कूड़ा प्रबंधन प्लांट को कहीं और जगह लगाएं जहां किसी को कोई परेशानी नहीं हो। उधर, एसडीएम क़ुल्लू विकास शुक्ला का कहना है कि यहां 10-12 बीघा की जमीन पर कूड़ा संयंत्र स्थापित करने की योजना है, ताकि क़ुल्लू के कचरे का सही तरीके से निष्पादन किया जा सके। लेकिन आज स्थानीय लोगों ने इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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