श्रीलंका में दशकों तक आतंक का पर्याय बने लिट्टे का संस्थापक प्रभाकरण अभी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक पहेली है। मगर उसके भाई ने पहली बार ये दावा किया है कि प्रभाकरण अपने परिवार समेत मारा जा चुका है। दावे के अनुसार 2009 में श्रीलंका के साथ युद्ध के अंतिम चरण में वह मारा गया।
श्रीलंका में दशकों तक आतंक का पर्याय बने लिट्टे का संस्थापक प्रभाकरण अभी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक पहेली है। मगर उसके भाई ने पहली बार ये दावा किया है कि प्रभाकरण अपने परिवार समेत मारा जा चुका है। दावे के अनुसार 2009 में श्रीलंका के साथ युद्ध के अंतिम चरण में वह मारा गया।