हिमाचल में आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच एक टीचर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रैली में शामिल होना महंगा पड़ा है। चुनाव आयोग ने प्रशांत शर्मा नाम के टीचर को आचार संहिता के उलंघन के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंशन के बाद प्रशांत का हेडक्वार्टर शिलाई में फिक्स किया गया है। सूचना के अनुसार, सस्पेंड प्रशांत नाहन विधानसभा क्षेत्र के मलगांव स्कूल में बतौर शास्त्री सेवाएं दे रहा था। बीते सप्ताह प्रशांत भाजपा प्रत्याशी की रैली में शामिल हुआ। रैली में शामिल टीचर की फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इसके बाद किसी ने सी-विजिल एप पर चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है। ‌कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किया गया शिकायत के साथ टीचर के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और शिमला लोकसभा से प्रत्याशी सुरेश कश्यप के साथ फोटो भी शेयर किए गए। जिला प्रशासन ने इनकी जांच कराई और इसके बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशांत को सस्पेंड करने से पहले अपनी बात रखने का भी मौका दिया है। इसके लिए मलगांव स्कूल का टीचर को नोटिस जारी किया। टीचर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता सरकारी कर्मचारी बता दें कि चुनाव आचार संहिता के दौरान सर्विस रूल्स के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी न तो किसी पार्टी के लिए प्रचार कर सकता है और न ही चुनावी जनसभाओं में शामिल हो सकता है। ऐसा करना आचार संहिता का उलंघन माना जाता है।

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