हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) एक्टिव हो रहा है। इससे खासकर मैदानी इलाकों में प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग की माने तो 22 मई तक मैदानी इलाकों को छोड़कर अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। आज और कल के लिए कुछेक स्थानों में आंधी व तूफान का येलो अलर्ट भी दिया गया है। फिलहाल प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। तीन शहरों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है। हमीरपुर के नेरी में तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है। वहीं बिलासपुर का पारा 40.1 डिग्री और ऊना में 41.8 डिग्री सेल्सियस हो गया है। प्रदेश के अन्य शहरों के तापमान में भी उछाल आया है। धोलाकुंआ का तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस हो गया है। सुंदरनगर 37, चंबा 37.5, कांगड़ा 36.8, मंडी 36.2, बरठी 38.2 का तापमान भी 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो गया है। इससे लोग दिन के वक्त अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए है। पर्यटन स्थलों पर भी बढ़ने लगा पारा मशहूर पर्यटन स्थल शिमला का तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस, मनाली का 26.8 डिग्री, नारकंडा का 22.6 डिग्री, कुफरी का 22.3 डिग्री सेल्सियस हो गया है। शिमला का तापमान औसत से 2.6 डिग्री ज्यादा और मनाली का 1.8 डिग्री अधिक हो गया है। पहाड़ों पर दिन के साथ साथ रातें भी गर्म होने लगी है। सूखे जैसे हालात लगने पनपने प्रदेश में सूखे जैसे हालात भी पनपने लगे हैं। सर्दियों में न के बराबर बर्फबारी की वजह से पेयजल व सिंचाई योजनाओं में वाटर लेवल गिरता जा रहा है। इसके लिए बारिश की सख्त जरूरत है। वहीं प्रदेश की वन संपदा को भी सूखे से नुकसान होने लगा है। जगह-जगह फॉरेस्ट फायर की घटनाएं पेश आ रही है। बारिश होने से आग की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

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