हिमाचल हाईकोर्ट में दो जजों की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो जिला जज चिराग भानु सिंह और अरविंद मल्होत्रा ने हिमाचल हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा नियुक्त दो न्यायाधीश की नियुक्ति को अपनाई गई प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट (SC) में चुनौती दी है। SC में न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने सोमवार को हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी कर जजों की नियुक्ति को लेकर रिपोर्ट तलब की है। चिराग भानु सिंह और अरविंद मल्होत्रा द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि हिमाचल हाईकोर्ट कॉलेजियम ने उनकी योग्यता और सीनियोरिटी को नजरअंदाज किया है। उन्होंने हिमाचल में सबसे वरिष्ठ जिला जज होने का दावा किया और उनसे जूनियर व्यक्तियों को जज के तौर पर नियुक्त करने की बात कही। दोनों जिला जज ने याचिका में आरोप लगाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया और SC द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट को उनके नामों की सिफारिश की थी। जजों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CJI चंद्रचूड़ के कॉलेजियम की सिफारिश के बाद देश के कानून मंत्रालय ने भी उनके नामों का समर्थन किया। कानून मंत्रालय ने हिमाचल हाईकोर्ट कॉलेजियम को पत्र लिखकर चिराग भानु और अरविंद मल्होत्रा के नामों पर विचार करने का आग्रह किया था। बावजूद इसके उन्हें जज नहीं लगाया। दो बार नाम SC को भेजे गए दो जिला जज ने कहा कि उनके नाम पहली बार जुलाई 2023 और दूसरी बार जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाए गए थे। फिर भी हिमाचल हाईकोर्ट ने उनकी अनदेखी की। अब दोनों जिला जज ने SC में एक याचिका दायर कर अनदेखी और कनिष्ठ व अयोग्य व्यक्तियों को जज लगाने की बात कही हैं। दोनों ने CJI से इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने का आग्रह किया है।