हिमाचल की धर्मशाला विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP के प्रत्याशी रहे राकेश चौधरी ने शुक्रवार को धर्मशाला से निर्दलीय नामांकन भर दिया है। इससे धर्मशाला सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। BJP ने धर्मशाला से सुधीर शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। जिससे राकेश चौधरी भड़क गए हैं। पार्टी उन्हें कल तक मनाने में जुटी रही रही। मगर वह नहीं माने। आज उन्होंने नामांकन भरने के बाद साफ कर दिया कि वह अपना नॉमिनेशन वापस नहीं लेंगे और किसी के दबाव में आने वाले नहीं है। यानी बीजेपी प्रत्याशी सुधीर शर्मा को सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के ही बागी राकेश चौधरी से मिलने वाली है। राकेश चौधरी धर्मशाला में मजबूत OBC नेता माने जाते हैं। 2022 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। राजनीति के जानकारों की माने तो चौधरी के चुनाव लड़ने से सुधीर शर्मा की राह आसान नहीं होगी। इससे बीजेपी में भीतरघात की संभावनाएं बढ़ गई है, क्योंकि सुधीर शर्मा भी कुछ दिन पहले ही BJP में शामिल हुए हैं। उनकी एंट्री से धर्मशाला में BJP के कई दिग्गज नेताओं का करियर दांव पर लग गया है। धर्मशाला में इन दिग्गजों को झटका खासकर पूर्व विधायक किशन कपूर, पूर्व MLA विशाल नेहरिया जैसे युवा चेहरे के लिए सुधीर शर्मा की जीत पचा पाना आसान नहीं लग रहा। ऐसे में इन नेताओं का विधानसभा उप चुनाव में रोल सुधीर की जीत-हार तय करने में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। वहीं, धर्मशाला से कांग्रेस ने पूर्व मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी को प्रत्याशी बनाया है। इससे देवेंद्र जग्गी, सुधीर शर्मा और राकेश चौधरी तीनों में मुकाबला हो गया है। मारकंडा भी नामांकन भर चुके उधर, लाहौल स्पीति सीट पर पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री रहे डॉ. रामलाल मारकंडा भी इस्तीफा देकर इंडिपेंडेंट नामांकन भर चुके हैं। यानी छह सीटों पर हो रहे उप चुनाव में भाजपा के दो बागी मैदान में उतर आए है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी 17 सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में उतरे थे। इससे भाजपा मिशन रिपीट करने से चूक गई थी और यही हार की बड़ी वजह मानी जा रही थी। अब छह सीटों पर हो रहे उप चुनाव में दो जगह बीजेपी को अपने ही बागियों से चुनौती मिलने वाली है। दरअसल, बीजेपी ने छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के बागियों को टिकट दिया है।