‘अगर कुछ करने की ठान लो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है,’ ये लाइन मुंबई अनामता जैसे स्टूडेंट पर बिलकुल फिट बैठती है, जिसने हादसे में अपना गंवाने के बाद भी हार नहीं मानी और ICSE में 92 प्रतिशत मार्क्स लाकर अपने स्कूल की टॉप स्कोरर बनी।
‘अगर कुछ करने की ठान लो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है,’ ये लाइन मुंबई अनामता जैसे स्टूडेंट पर बिलकुल फिट बैठती है, जिसने हादसे में अपना गंवाने के बाद भी हार नहीं मानी और ICSE में 92 प्रतिशत मार्क्स लाकर अपने स्कूल की टॉप स्कोरर बनी।