हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में CM हेल्पलाइन के कर्मचारी और प्रोजेक्ट मैनेजर दोपहर के समय आपस में भिड़ गए। ISBT के समीप स्थित दफ्तर में मैनेजर और कर्मचारियों में किसी बात को लेकर पहले तीखी नोकझोंक हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और दोनों पक्षों को सुना जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें लैबर डिपार्टमेंट की नोटिफिकेशन के अनुसार, अप्रैल 2022 से जो न्यूनतम मानदेय मिलना चाहिए, वह नहीं दिया जा रहा है और न ही उन्हें बकाया एरियर दिया जा रहा है। इसे लेकर एक शिकायत लेबर डिपार्टमेंट के पास भी विचाराधीन है। कर्मचारियों का कहना है कि शिकायत करने की वजह से उनके टीम लीडर मदन को टर्मिनेट किया जा रहा था। इस बारे में वह प्रोजेक्ट मैनेजर से बात करने गए थे। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। इससे कर्मचारी डरे व सहमे हुए हैं। खासकर महिला कर्मचारी पुलिस को दफ्तर में देखकर डरी हुई है। पूर्व सरकार ने शुरू की थी सीएम हेल्पलाइन बता दें कि पूर्व जयराम सरकार ने आम जनता की शिकायत के निवारण के लिए CM हेल्पलाइन शुरू की थी। इसके लिए 1100 टोल फ्री नंबर जारी किया गया था। इस हेल्पलाइन के लिए एक कंपनी को हायर किया गया और इसमें लगभग 102 कर्मचारी आउटसोर्स पर लगाए गए। कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें अभी 9200 रुपए मानदेय मिल रहा है। जो कि लैबर डिपार्टमेंट की नोटिफिकेशन के अनुसार 12000 होना चाहिए। बढ़े हुए मानदेय के लिए कर्मचारी बात कर रहे थे और बकाया एरियर की मांग कर रहे थे। प्रोजेक्ट मैनेजर से मांगी रिपोर्ट: चड्डा CM हेल्पलाइन के नोडल ऑफिसर विकास चड्डा ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजर और कर्मचारियों में लड़ाई की सूचना मिली है। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर से रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।