हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस 3 विधानसभा सीटों पर आज प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। पार्टी सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला से बीती शाम फोन पर लंबी बात की और प्रत्याशी तय कर दिए है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी का इंतजार है। BJP ने कांग्रेस के छह बागी एवं पूर्व विधायकों की सीटों पर बीते 26 मार्च को टिकट दे दिए है। मगर कांग्रेस पार्टी पूरा अप्रैल बीतने के बाद भी तीन विधानसभा सीटों पर उप चुनाव के लिए प्रत्याशी मैदान में नहीं उतार पाई। हमीरपुर जिला की बड़सर, कांगड़ा की धर्मशाला और लाहौल स्पीति सीट पर अभी कांग्रेस के प्रत्याशी तय नहीं हुए, जबकि पांच दिन बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। धर्मशाला से टिकट की रेस में 4 नाम शामिल धर्मशाला सीट से पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी, 2020 के उप चुनाव में पार्टी प्रत्याशी विजय इंद्र करण, भाजपा के बागी राकेश चौधरी और हरभजन का नाम टिकट दावेदारों की रेस में है। मगर राकेश चौधरी की अब तक पार्टी में एंट्री नहीं हुई। इसलिए चौधरी के टिकट पर संशय है। बड़सर में प्रत्याशी को लेकर तस्वीर धुंधली हमीरपुर जिला की बड़सर विधानसभा से पूर्व विधायक मंजीत सिंह डोगरा, संजीव शर्मा और ज्ञान चंद का नाम चर्चा में है। मंजीत डोगरा दो बार विधायक रहे है। एक बार वह इंडिपेंडेंट तो दूसरी बार कांग्रेस से चुनाव जीते हैं। वहीं संजीव शर्मा ने 2022 में इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ा और 15 हजार से ज्यादा मत हासिल किए। कांग्रेस संजीव शर्मा को भी बागी एवं पूर्व विधायक और BJP प्रत्याशी इंद्रदत्त लखनपाल के सामने उतार सकती है। लाहौल स्पीति में मारकंडा पर संशय कांग्रेस के कुछ नेता लाहौल स्पीति में BJP के बागी डॉ. रामलाल मारकंडा को प्रत्याशी बनाना चाह रहे हैं। मगर पार्टी को यहां बगावत का डर है। इसलिए मारकंडा के टिकट पर अब तक संशय बना हुआ है। मारकंडा के अलावा पार्टी प्रवक्ता अनिल सहगल, जिला परिषद चेयरमैन अनुराधा राणा और पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ठाकुर का नाम भी लाहौल स्पीति से टिकट दावेदारों की रेस में शामिल है। कांग्रेस बागियों को ये 3 दे रहे चुनौती वहीं कुटलैहड़, सुजानपुर और गगरेट सीट पर कांग्रेस ने बीते सप्ताह की प्रत्याशी मैदान में उतार दिए है। कुटलैहड़ में कांग्रेस ने विवेक शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि गगरेट में तीन बार के पूर्व विधायक राकेश कालिया और सुजानपुर में BJP के 2022 के चुनाव में प्रत्याशी रहे कैप्टन रणजीत सिंह को टिकट दिया है। इसलिए 15 महीने बाद उप चुनाव की नौबत आई दरअसल, इन छह सीटों पर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले छह विधायकों को अयोग्य घोषित करने से उप चुनाव करवाए जा रहे है। इन छह सीटों पर पूर्व विधायकों ने बीते 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की और बजट सत्र के दौरान तीन बार पार्टी व्हिप का उलंघन किया। इसके बाद स्पीकर ने इनकी सदस्यता रद्द की और केंद्रीय चुनाव आयोग ने छह सीटों पर बीते 16 मार्च को चुनाव का ऐलान किया।

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