हिमाचल की कांगड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस हाईकमान ने BJP के ब्राह्मण प्रत्याशी का तोड़ आनंद शर्मा को मैदान में उतारकर निकाला है। कांगड़ा संसदीय हलके से कांग्रेस ने शिमला से संबंध रखने वाले आनंद शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि BJP ने लोकल नेता राजीव भारद्वाज को टिकट दे रखा है। अब दो ब्राह्मण नेताओं में टक्कर है। यह पता चार जून को चलेगा कि कांगड़ा के लोकल ब्राह्मण नेता का पलड़ा भारी रहता है या फिर आनंद शर्मा को जनता लोकसभा भेजती है। कांग्रेस-भाजपा नेताओं की माने तो कांगड़ा में लगभग 24 प्रतिशत ब्राह्मण वोट है। इस पर सेंध लगाने के लिए BJP के बाद कांग्रेस ने भी ब्राह्मण नेता पर दांव चला है। बाली पर इसलिए दांव नहीं खेल सकी कांग्रेस हालांकि पूर्व में कांग्रेस कांगड़ा से सीटिंग MLA आरएस बाली को चुनाव मैदान में उतारना चाह रही थी। मगर वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे। आरएस बाली ने कांग्रेस हाईकमान को भी एक भी पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया कि सर्वे में उनका नाम आगे बताया जा रहा है। वह विधायक के तौर पर नगरोटा बगवां की जनता की सेवा करना चाहते है। यदि उन्हें टिकट दिया गया तो उनकी भी राय ली जाए। आरएस बाली को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मनाने की कोशिश की। मगर बाली नहीं माने। आखिर में कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया। अब नतीजे चाहे जो भी हो। मगर BJP को लगे हाथ एक मुद्दा मिल गया है। आनंद शर्मा के खिलाफ BJP धरती पुत्र का नारा बुलंद करेगी। धरती पुत्र का नारा बुलंद करेगी बीजेपी: परमार कांगड़ा संसदीय हलके के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि कांग्रेस को कांगड़ा के 17 विधानसभा क्षेत्र में एक भी ऐसा नेता नहीं मिला, जो चुनाव लड़ सके। उन्होंने बताया कि BJP के राजीव भारद्वाज धरती पुत्र है, जबकि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है, जो पहले दूसरे राज्य से शिमला आए और अब कांगड़ा का प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आनंद के खिलाफ कांगड़ा में धरती पुत्र का नारा लगेगा। उन्हें जनता को बताना पड़ेगा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री रहते हुए कांगड़ा के लिए क्या किया। उन्होंने आनंद शर्मा को उधार का उम्मीदवार बताया। वहीं कांगड़ा से पूर्व में चर्चा थी कि कांग्रेस छह बार की विधायक व दो बार की मंत्री आशा कुमारी, दो बार के विधायक जगजीवन पाल या फिर डॉ.राजेश शर्मा को टिकट दे सकती है। मगर कांग्रेस ने इन अटकलों विराम लगा दिया है। आशा कुमारी ने बताया कि आनंद शर्मा कांग्रेस के कद्दावर नेता है। पार्टी उनके लिए एकजुट होकर काम करेगी और जीतेगी।