हिमाचल की सुजानपुर सीट पर BJP के बागी कैप्टन रणजीत सिंह राणा को कांग्रेस की टिकट मिलने के बाद लाहौल स्पीति में भी भाजपा के बागी रामलालमारकंडा​​​​​​​ को टिकट देने की चर्चाएं तेज हो गई है। पूर्व में कांग्रेस ने बगावत से बचने के लिए पार्टी नेताओं को ही टिकट देने पर विचार कर रही थी।​​​​​​​ मगर अब विनिबिलिटी देखकर टिकट देने के दावे किए जा रहे है। टिकट आवंटन का आधार ताजा सर्वे रिपोर्ट बनेगी। प्रदेश में कांग्रेस के तीन विधानसभा और दो लोकसभा सीटों पर टिकट में पेंच फंसा है। अगले दो-तीन दिन के भीतर पार्टी हाईकमान खासकर लोकसभा सीट टिकट पर फैसला कर सकती है। कांगड़ा लोकसभा सीट पर आरएस बाली, आशा कुमारी, जगजीवन पाल और डा. राजेश शर्मा में से किसी एक के नाम पर सहमति बनाने का प्रयास हो रहा है। कांग्रेस यहां पर ब्राह्मण नेता आरएस बाली को मैदान में उतारना चाह रही है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कांगड़ा संसदीय हलके में लगभग 24 प्रतिशत ब्राह्मण वोट है। इसे देखते भारतीय जनता पार्टी ने भी ब्राह्मण नेता राजीव भारद्वाज को प्रत्याशी बनाया है। हमीरपुर में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति में पहले आस्था अग्निहोत्री का नाम उछाला गया। आस्था ने इनकार किया तो डिप्टी सीएम मुकेश का नाम आगे किया गया। अब मुकेश अग्निहोत्री भी चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में पार्टी हाईकमान तय करेगा कि हमीरपुर से किसे मैदान में उतारा जाए। मुकेश भी चुनाव नहीं लड़ते तो पूर्व विधायक सत्तपाल रायजादा का चुनाव लड़ना तय है। लाहौल स्पीति में मारकंडा के कारण फंसा पेंच विधानसभा उप चुनाव की बात करें तो लाहौल स्पीति में कांग्रेस पार्टी BJP के बागी डॉ. रामलाल मारकंडा को प्रत्याशी बना सकती है। BJP ने दो बार के मंत्री डॉ. मारकंडा का टिकट काटकर रवि ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है। इससे मारकंडा ने खुले तौर पर बगावत का ऐलान कर दिया है। अब उनके कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ने की चर्चा है। हालांकि मारकंडा का खुले तौर पर लाहौल स्पीति में जबरदस्त विरोध हो रहा है। मगर कांग्रेस नेता मारकंडा को टिकट देना चाहते हैं और स्थानीय नेताओं को मनाने की कोशिश जारी है। इस वजह से टिकट होल्ड किया गया है। लाहौल स्पीति में मारकंडा के अलावा पार्टी प्रवक्ता अनिल सहगल, जिला परिषद चेयरमैन अनुराधा राणा और पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ठाकुर भी टिकट दावेदारों की रेस में शामिल है। धर्मशाला में जगी-चौधरी टिकट की रेस में आगे वहीं धर्मशाला से पूर्व मेयर देवेंद्र जगी का टिकट फाइनल माना जा रहा था। मगर यहां पर भाजपा के बागी राकेश चौधरी और हरभजन का नाम भी टिकट दावेदारों की रेस में है। राकेश चौधरी ने धर्मशाला के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा की बीजेपी में एंट्री के साथ ही बगावत का ऐलान कर दिया था। BJP उन्हें मनाने की तमाम कोशिश कर चुकी है। मगर वह चुनाव लड़ने को तैयार है और कांग्रेस नेताओं से संपर्क में है। धर्मशाला का टिकट अब कांग्रेस द्वारा कराए गए ताजा सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा। बड़सर में प्रत्याशी को लेकर तस्वीर धुंधली हमीरपुर जिला की बड़सर विधानसभा में प्रत्याशी को लेकर अब तक तस्वीर धुंधली है। बड़सर से पूर्व विधायक मंजीत सिंह डोगरा, संजीव शर्मा और ज्ञान चंद का नाम चर्चा में है।मंजीत डोगरा दो बार के विधायक है। एक बार वह इंडिपेंडेंट तो दूसरी बार कांग्रेस से चुनाव जीते हैं। संजीव शर्मा की चर्चाएं भी तेज है, क्योंकि उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। अब इन सब टिकट पर पार्टी हाईकमान को निर्णय लेना है।

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