हिमाचल में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की तैनाती को लेकर दिल्ली में आज यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) में स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग होगी। इसमें हिमाचल सरकार द्वारा संभावित DGP के लिए पैनल में भेजे गए 3 नाम की जांच की जाएगी। और DGP पद के लिए इनकी पात्रता जांची जाएगी। स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग के लिए राज्य के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना भी आज सुबह ही दिल्ली हुए हैं। UPSC की स्क्रीनिंग के बाद पैनल में भेजे गए तीन नाम में से किसे DGP लगाया जाए, यह राज्य सरकार तय करेगी। प्रदेश के मौजूदा DGP संजय कुंडू छह दिन यानी 30 अप्रैल को रिटायर्ड हो रहे हैं। पूर्व जयराम सरकार ने पूर्व डीजीपी एसआर मरडी के रिटायर्ड होने के बाद कुंडू को 30 मई 2020 को पुलिस विभाग का मुखिया लगाया था। अब कुंडू रिटायर्ड होने जा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने नए पुलिस मुखिया की तैनाती के लिए UPSC को संभावित तीन दावेदारों का पैनल भेजा है। GDP के लिए पैनल में ये नाम भेजे इसमें सीनियोरिटी के लिहाज से 1989 बैच के IPS एसआर ओझा का नाम सबसे आगे हैं। सीनियरिटी को तवज्जो दी गई तो इनका DGP बनना लगभग तय है। एसआर ओझा के बाद सीनियोरिटी में 1990 बैच के श्याम भगत नेगी दूसरे नंबर पर है। मगर नेगी अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। उनके प्रदेश लौटने की कम संभावनाएं है। श्याम भगत नेगी के बाद 1991 बैच के डॉ. अतुल वर्मा तीसरे नंबर पर है। इन तीन में से ही किसी एक को पुलिस विभाग का मुखिया बनाया जा सकता है। UPSC की स्क्रीनिंग के बाद सरकार चुनाव आयोग से DGP की तैनाती को मंजूरी मांगेगी। आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण चुनाव आयोग की परमिशन जरूरी है। कुंडू के छुट्टी पर जाने के बाद DGP का काम देख चुके ओझा फिलहाल एसआर ओझा DGP की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। ओझा पांच महीने पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटें हैं। केंद्र सरकार में वह CRPF में ADG पद पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह DG जेल हैं। बीते मार्च महीने में संजय कुंडू के छुट्टी पर जाने के बाद ओझा 13 दिन तक डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार देख चुके हैं। एसआर ओझा भी संजय कुंडू के बैच के ही है। वह मई 2025 में रिटायर होंगे। मूल रूप से वह बिहार के रहने वाले हैं। संजय कुंडू व ओझा से सीनियर IPS दिल्ली में संजय कुंडू और एसआर ओझा से सीनियर यानी 1988 बैच के IPS तपन कुमार डेका अभी दिल्ली में IB के डायरेक्टर है। मगर, वह पिछले साल रिटायर्ड हो चुके हैं और उन्हें केंद्र ने एक साल की एक्सटेंशन दे रखी है। DGP बदलने का CM लेंगे फैसला राज्य का नया DGP किसे बनाया जाए, यह मुख्यमंत्री सुक्खू पर निर्भर करेगा। अमूमन सत्ता परिवर्तन होते ही प्रमुख पदों पर सबसे पहले अधिकारी बदले जाते है। मगर CM सुक्खू ने मौजूदा DGP कुंडू को नहीं बदला। इसका पार्टी के लोगों ने अंदरखाते विरोध भी किया, क्योंकि कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए संजय कुंडू को पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक का मास्टर माइंड बताया था। उन्हें पद से हटाने के लिए राजभवन के बाहर धरना भी दिया था। मगर जब कांग्रेस सत्ता में आई तो DGP को नहीं हटाया गया। अब कुंडू अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद रिटायर होने जा रहे हैं।