हिमाचल प्रदेश में आज से अगले सात दिन तक बारिश-बर्फबारी के आसार है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 13 से 15 अप्रैल तक 72 घंटे के लिए स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) एक्टिव रहेगा। इसे देखते हुए तीन दिन के लिए बारिश, तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इस दौरान किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे इलाकों में हल्का हिमपात भी हो सकता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान है। IMD ने 16 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट दिया गया है। 16 अप्रैल से अगले चार दिन तक WD थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे 19 अप्रैल तक कही धूप और कुछेक स्थानों पर बारिश ओलावृष्टि हो सकती है। तापमान में आएगी गिरावट प्रदेश में मौसम की करवट के बाद तापमान में एक बार फिर से गिरावट आएगी। हालांकि अभी न्यूनतम और अधिकतम तापमान औसत से ज्यादा चल रहा है। प्रदेश का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 2.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा और न्यूनतम तापमान भी 1.3 डिग्री अधिक चल रहा है। भुंतर का तापमान नॉर्मल की तुलना में 6.4 डिग्री के उछाल के साथ 29.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। वहीं शिमला का पारा भी नॉर्मल से 3.9 डिग्री ज्यादा के उछाल के साथ 23.5 डिग्री सेल्सियस हो गया है। अन्य शहरों का पारा भी नॉर्मल से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो गया है। धौलाकुंआ का तापमान 35.8 डिग्री पहुंचा प्रदेश के 25 प्रमुख शहरों में से 10 का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। धौलाकुंआ का तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस हो गया है। मगर अगले एक सप्ताह तक मौसम की करवट के बाद इसमें गिरावट आएगी। IMD के पूर्वानुमान ने बढ़ाई बागवानों की चिंताएं IMD के पूर्वानुमान ने सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी है। प्रदेश में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग चली हुई है। ऐसे में बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि सेब की फसलों को नुकसान पहुंचाएगी। हिमाचल में सेब उद्योग 5500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का है। बीते साल भी ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण सेब को नुकसान हुआ था। इस बार भी मौसम सेब के लिए अनुकूल नहीं लग रहा।