अलकेमिस्ट ग्रुप का फर्जीवाड़ा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। इसका खुलासा तब हुआ है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच शुरू की। कंपनी द्वारा हरियाणा के पंचकूला में पार्श्वनाथ रॉयल प्रोजेक्ट में अलकेमिस्ट रियल्टी लिमिटेड द्वारा कुल 18 फ्लैट और हिमाचल प्रदेश के शिमला (ग्रामीण) के साथ सिरमौर के क्योंथल में लगभग 250 बीघा और 78 बीघा जमीन की जांच की गई। हालांकि, ईडी ने ये प्रॉपर्टियां अटैच कर दी हैं। इनकी कीमत 29 करोड़ रुपए से ज्यादा की बताई जा रही है। इस कंपनी के मालिक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व सांसद केडी सिंह हैं। हरियाणा-हिमाचल के साथ ही ग्रुप के द्वारा मध्य प्रदेश में भी प्रॉपर्टी खरीदी गई। लोगों से 1,800 करोड़ लिए
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें आरोप लगाया गया है कि समूह ने अलकेमिस्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड जैसी अपनी कंपनियों में लोगों से 1,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि एकत्र की। इसके साथ ही कंपनी के द्वारा लोगों से निवेश पर उच्च ब्याज दर के अलावा अच्छा रिटर्न देने के साथ फ्लैट, विला, प्लॉट देने का झूठा वादा भी किया गया। ईडी ने इसका खुलासा करते हुए कहा है कि प्रॉपर्टी को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है। निवेशकों काे नहीं लौटाया गया पैसा
अलकेमिस्ट समूह का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सदस्य कंवर दीप सिंह कर रहे हैं। कुर्क की गई संपत्तियों की कुल कीमत 29.45 करोड़ रुपए है। ईडी ने दावा किया है कि जांच के अनुसार, सार्वजनिक निवेशकों को कभी भी उनका पैसा नहीं लौटाया गया और धन को अलकेमिस्ट समूह की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि अलकेमिस्ट ग्रुप ने निवेशकों से अर्जित अपराध की आय से संपत्ति हासिल करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई कंपनियां बनाई थीं।

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