खुद को दुनिया का सुपर पॉवर कहने वाला अमेरिका अक्सर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है। कभी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर, कभी लोकतंत्र के नाम पर, कभी धर्म और सहिष्णुता के नाम पर तो कभी किसी और बहाने। जबकि अमेरिका अपने गिरेबां में नहीं झांकता। भारत के आंतरिक मामले में वह क्यों हस्तक्षेप कर रहा?
खुद को दुनिया का सुपर पॉवर कहने वाला अमेरिका अक्सर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है। कभी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर, कभी लोकतंत्र के नाम पर, कभी धर्म और सहिष्णुता के नाम पर तो कभी किसी और बहाने। जबकि अमेरिका अपने गिरेबां में नहीं झांकता। भारत के आंतरिक मामले में वह क्यों हस्तक्षेप कर रहा?