हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी युवा चेहरे मैदान में उतार सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में इसके संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चारों सीटों पर नए प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि संगठन में काम करने वाले और जीतने की क्षमता रखने वाले प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हो गई है। इनके नाम का ऐलान नामांकन होने से 48 घंटे पहले या फिर एक सप्ताह पहले घोषित किया जाएगा। प्रदेश में 7 मई को चुनाव की नोटिफिकेशन होनी है। ऐसे में मुख्यमंत्री के ताजा बयान से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची आने में अभी वक्त लगेगा। वहीं, भारतीय जनता पार्टी चारों सीटों पर प्रत्याशी तय कर चुकी है। प्रदेश में कुछ समय पहले तक सीनियर और कई बार चुनाव लड़ चुके नेताओं के नाम टिकट दावेदारों की सूची में थे। मगर प्रतिभा सिंह के मुकर जाने और सरकार पर सियासी संकट के बाद समीकरण बदले हैं। अब कांग्रेस को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है। सिटिंग MLA पर भी कांग्रेस दांव नहीं खेल पा रही। इसलिए नए प्रत्याशियों की तलाश है। मंडी से निगम भंडारी-आश्रय का नाम चर्चा में
प्रतिभा सिंह के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद यहां से कांग्रेस पार्टी युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नेगी निगम भंडारी को चुनाव में उतार सकती है। निगम भंडारी किन्नौर जिला से संबंध रखते हैं, जबकि मंडी लोकसभा में अकेले मंडी जिला की 9 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में क्षेत्रीय समीकरण को अपने पक्ष में भुनाने के लिए कांग्रेस पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत सुखराम शर्मा के पोते आश्रय शर्मा को लेकर भी विचार विमर्श कर सकती है। आश्रय शर्मा ने दिए ये संकेत
हालांकि, आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा भाजपा में हैं। फिर भी आश्रय ने ऐसे संकेत दिए हैं कि उन्हें जो भी पार्टी टिकट देगी, वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी आश्रय शर्मा पिता अनिल शर्मा के जयराम सरकार में मंत्री रहते हुए चुनाव लड़ चुके हैं। सुखराम शर्मा परिवार के मुख्यमंत्री सुक्खू से अच्छे संबंध रहे हैं। इसलिए कांग्रेस के सामने टिकट को लेकर यह विकल्प भी खुला है। शिमला से ये चार नाम चर्चा में
शिमला से सिटिंग MLA विनोद सुल्तानपुरी को चुनाव लड़ाने की तैयारी थी। मगर, अब यहां से दयाल प्यारी, अमित नंदा, सोहन लाल और कौशल मुंगटा में से किसी एक को टिकट मिल सकता है। हमीरपुर और कांगड़ा में कांग्रेस के टिकट दावेदारों की तस्वीर अभी धुंधली है। कांगड़ा से आरएस बाली, आशा कुमारी के अलावा प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का नाम चर्चा में है। सिटिंग MLA की वजह से बाली को शायद पार्टी टिकट न दे। नया चेहरा दिया गया तो BJP के राजीव भारद्वाज के सामने कांग्रेस डॉ. राजेश को उतार सकती है। क्या मुख्यमंत्री की पत्नी पर दांव खेलेगा हाईकमान
उधर, हमीरपुर से कांग्रेस पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस पटियाल में से किसी एक को प्रत्याशी बना सकती है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस हाईकमान हमीरपुर सीट से मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर के नाम पर भी विचार कर रहा है। चाहे जो भी हो मुख्यमंत्री के हालिया बयान से ऐसा लग रहा है कि टिकट आने में अभी वक्त लगेगा।

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