हिमाचल प्रदेश के पधर में होली पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां के लोगों ने रविवार को अपने आराध्य देव पशाकोट संग होली का पर्व मनाया तो आज भी एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली पर्व की बधाई दे रहे हैं। पधर में ग्रामीणों ने चौहारघाटी के बजीर के नाम से विख्यात आराध्य देव पशाकोट के साथ होली का जश्न मनाया। देव पशाकोट बीते शनिवार शाम को ही मंडी में मनाए गए शिवरात्रि पर्व से लौटकर पधर पहुंचे। जहां स्थानीय ग्रामीण द्वारा आयोजित देव जातर में शिरकत की। रविवार को देवता का रथ लाव लश्कर के साथ डलाह गांव को रवाना हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और देवलुओं ने पूजा अर्चना उपरांत हाथों में अबीर गुलाल लेकर देवता संग होली का जश्न मनाया। लघु शिवरात्रि मेला अगला पड़ाव देवलू और ग्रामीण देवता के साथ नाचते गाते डलाह गांव में एडवोकेट विपत राम मुगलाना के घर पहुंचे। जहां से फिर देवता का रथ ग्रामीणों के साथ नाटी नाचते हुए पुंदल गांव पहुंचा। रात्रि विश्राम भी पुंदल गांव में हुआ। सोमवार को आराध्य देव गवाली और मंगलवार को बधाला गांव में पहुंचे। बुधवार को फुटाखल में अपनी बहन नौणी भगवती के मंदिर में मिलन करने उपरांत झटिंगरी होते हुए लघु शिवरात्रि मेला जोगेंद्रनगर में शरीक होने अगले पड़ाव पर निकलेंगे। जोगेंद्रनगर में एक अप्रैल से पांच दिवसीय लघु शिवरात्रि मेला शुरू होगा। जिसमें बड़ा देव हुरंग काली नारायण और देव पशाकोट शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। आराध्य देव पशाकोट के वरिष्ठ दुम्मच ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि पर्व से लौटने पर इस बार देवता अपने सीधे लघु शिवरात्रि मेला जोगेंद्रनगर में शिरकत करेंगे। वहां से लौटने के बाद ही मूल मंदिर में विराजमान होंगे।