प्रदेश भर के करीब 135 कॉलेज में 28 मार्च से वार्षिक सिस्टम के तहत फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू होगी। इस बार एचपीयू प्रशासन की ओर से प्रदेश में 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में जहां सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी,वही एचपीयू की ओर से गठित उड़नदस्ते भी परीक्षा केंद्रों का दौरा करेंगे और नकलचियों पर नकेल कसेंगे। परीक्षाएं सुबह और शाम के सेशन में होगी। ये परीक्षाएं 8 मई तक चलेंगी। परीक्षा के शेड्यूल के साथ ही कॉलेजों को हर हाल में छात्रों के इंटरनल असेसमेंट, सीसीए को अपलोड करने और इसकी वेरिफिकेशन करने को रिमाइंडर भेजा है। इसमें चेताया गया है कि इंटरनल असेसमेंट, सीसीए अपलोड वेरिफाई न होने पर छात्रों के परीक्षा रोलनंबर जनरेट नहीं होंगे। रोलनंबर को लेकर पेश आने वाली परेशानी के लिए पूरी तरह से कॉलेज जिम्मेदार होंगे। एचपीयू प्रशासन ने कॉलेजों को समय से इंटरनल असेसमेंट अपलोड और वेरिफाई करने को कहा है। गौर है कि प्रदेश भर के करीब 135 कॉलेज में 30 हजार फाइनल लेकर छात्रों ने एक साथ एग्जाम देना है। ऐसे में हुई प्रशासन पर सही तरीके से एग्जाम करवाने का दबाव है। आचार संहिता लगने के बाद से ही पूरे प्रदेश में कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसको देखते हुए एचपीयू प्रशासन ने हरे एक कॉलेज प्रबंधन और एग्जाम करवाने वाले सेंटर प्रभारी को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। } परीक्षा का अतिरिक्त मौका देने को मांगी अनुमति पर नहीं आया जवाब: यूजी डिग्री कोर्स के कंपार्टमेंट की परीक्षा देने के मिले दो अवसरों और एक विशेष अवसर के बावजूद परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त परीक्षा का निर्वाचन आयोग से मौका दिए जाने की विवि ने अनुमति मांगी थी। इसको लेकर अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इससे अब इन विद्यार्थियों को 28 मार्च से शुरू हो रही परीक्षा में अवसर मिलने की संभावना नहीं है। चूंकि परीक्षा फार्म भरने के लिए समय ही शेष नहीं बचा है। इन विद्यार्थियों को अब सितंबर में ही यह मौका मिल सकेगा। } सिस्टम ऑनलाइन, ऑटो जनरेट होते हैं रोलनंबर: विवि ने साफ किया है कि विवि का परीक्षा रोलनंबर का सिस्टम पूरी तरह से ऑनलाइन है। रोलनंबर कॉलेज से सीसीए और इंटरनल असेसमेंट के अपलोड और कॉलेज प्राचार्य की आईडी से इसे वेरिफाई होते ही, छात्र के रोलनंबर ऑटो जनरेट हो जाएंगे। इसमें विवि के स्तर पर कोई कार्य नहीं किया जाता है। इसलिए अब पूरी जिम्मेदारी कॉलेजों की होगी। }गंभीरता से लेंगे अनुचित मामले: निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करवाने के दृष्टिगत उड़नदस्तों को खास जिम्मेवारी दी गई है। यह उड़नदस्ते परीक्षाओं के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा था कि राज्य सरकार परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को गंभीरता से ले रही है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।