शिमला जिला के रामपुर के 4 बार विधायक रहे और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंदलाल का आज उनके पैतृक गांव देवठी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंगलवार शाम को उनकी पार्थिव देह देवठी गांव लाई गई। आज कुछ देर के लिए अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी सुबह करीब 10 बजे देवठी पहुंचकर नंदलाल को श्रद्धांजलि देंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी समेत कई मंत्री, नेता और अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। नंदलाल के घर पर मंगलवार से ही रिश्तेदार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पहुंचने शुरू हो गए। आज विधायक की अंतिम शव यात्रा में शामिल होकर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद बेटे अभिषेक मुखाग्नि देंगे। चमियाना अस्पताल में ली आखिरी सांस नंदलाल का मंगलवार सुबह करीब 5.30 बजे शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 72 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा-बहू और सात साल के पोते को छोड़ गए हैं। ITBP में कमांडो रहे, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भी निभाई जिम्मेदारी नंदलाल का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले का जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित रहा। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में सेवाएं दीं। वह ITBP के कमांडो दस्ते का हिस्सा रहे। जम्मू-कश्मीर में बटालियन की कमान संभालने की जिम्मेदारी भी उन्हें मिली। उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) रहा। वर्ष 1985 से 1997 तक उन्होंने प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़े इस विशेष सुरक्षा दल में सेवाएं दीं। इस दौरान एशियाई खेलों, गुटनिरपेक्ष सम्मेलन और राष्ट्रमंडल सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में भी उनकी भूमिका रही। विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। 2007 में ITBP से VRS लेकर राजनीति में एंट्री करीब दो दशक तक सुरक्षा बलों में सेवाएं देने के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में ITBP से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आए और कांग्रेस के टिकट पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। पहली ही कोशिश में जीत दर्ज कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वीरभद्र सिंह के करीबी रहे नंदलाल नंदलाल को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता था। रामपुर क्षेत्र में कांग्रेस के संगठन और चुनावी राजनीति को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। लगातार चार चुनाव जीतना क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ और जनता के बीच स्वीकार्यता को दर्शाता है। CPS से लेकर सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष तक का सफर विधायक बनने के बाद नंदलाल को सरकार और विधानसभा में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। वर्ष 2013 से 2017 तक वह मुख्य संसदीय सचिव (CPS) रहे। वर्ष 2018 से 2022 तक विधानसभा की कल्याण और ग्रामीण नियोजन समितियों से जुड़े रहे। वर्ष 2022 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें विधानसभा की कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके अलावा उन्हें लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट (LADA) कमेटी की अध्यक्षता की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। देवठी में जन्म, HPU से की राजनीति विज्ञान में MA नंदलाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्यारे लाल था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU), शिमला से वर्ष 1976 में राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह सुरक्षा बलों में भर्ती हुए और देश सेवा को अपना करियर बनाया। करीब तीन दशक तक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। लवी मेला स्थगित उनके निधन के चलते रामपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की 3 और 4 नवंबर की गतिविधियां भी स्थगित कर दी गई हैं। आज अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।