अगर दो बालिग आपसी सहमति से प्रेम संबंध में रहते हैं और उनके बीच शारीरिक संबंध बनते हैं, तो रिश्ता टूटने के बाद उन संबंधों को सिर्फ इस वजह से रेप नहीं माना जा सकता कि अब दोनों साथ नहीं हैं। लिव-इन रिलेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है।
ESTD.2007
अगर दो बालिग आपसी सहमति से प्रेम संबंध में रहते हैं और उनके बीच शारीरिक संबंध बनते हैं, तो रिश्ता टूटने के बाद उन संबंधों को सिर्फ इस वजह से रेप नहीं माना जा सकता कि अब दोनों साथ नहीं हैं। लिव-इन रिलेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है।