हिमाचल की राजधानी शिमला से लगभग 18 किलोमीटर दूर कटासनी इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम 19 साल बाद नहीं बना पाया। इस दौरान राज्य में चार सरकारें बदली और करीब 25 करोड़ रुपए स्टेडियम पर खर्च किए गए। मगर स्टेडियम फिर भी अधूरा है, क्योंकि सरकारें बदलने पर प्लानिंग भी बदलती रही। पहले यहां पर क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना थी। इसके बाद 400 मीटर के एथलेटिक्स ट्रैक और शूटिंग रेंज का प्रस्ताव आया, लेकिन ये सुविधाएं भी विकसित नहीं हो सकीं। अब सरकार यहां स्टेडियम परिसर में पेशेवर स्पोर्ट्स एजेंसी के माध्यम से मल्टी-स्पोर्ट्स अकादमी चलाने पर विचार कर रही है। इसमें वॉलीबॉल, बॉक्सिंग और कबड्डी जैसे खेलों का प्रशिक्षण देने की प्लानिंग है। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि करीब दो दशक और करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी अधूरी रही इस परियोजना को अब तय समय में पूरा कैसे किया जाएगा? इससे युवा खिलाड़ियों को खेलने के लिए स्टेडियम नहीं मिल पा रहा और उन्हें राज्य से बाहर दूसरे प्रदेशों का रुख करना पड़ रहा है। तत्कालीन सीएम वीरभद्र ने 2007 में रखी थी आधारशिला कटासनी में इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। इसके बाद प्रदेश में चार सरकारें बदल गईं, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हो पाई। साइट पर बहुमंजिला भवन जरूर खड़ा है, मगर यह आधा अधूरा है। इससे खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिल सका है। सरकार ने बचे हुए काम के लिए 6.5 करोड़ मंजूर: विक्रमादित्य हालांकि अब लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार ने बचे हुए काम के लिए 6.5 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। अगले चार से पांच महीने में भवन का काम पूरा करने का लक्ष्या रखा हैं। उन्होंने इसे लेकर खेल मंत्री के साथ भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। विक्रमादित्य ने कहा कि इसे लेकर उन्होंने सीएम सुक्खू से भी बात की है। शिमला और आसपास अच्छे खेल प्रशिक्षण केंद्रों की कमी मंत्री का कहना है कि शिमला और आसपास अच्छे खेल प्रशिक्षण केंद्रों की कमी है। शहर के इंदिरा गांधी खेल परिसर की हालत भी अच्छी नहीं है। ऐसे में कटासनी में बेहतर खेल सुविधाएं विकसित करने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए जगह मिल सकती है। हालांकि, नई अकादमी के संचालन, खेल उपकरणों, प्रशिक्षकों और जरूरी सुविधाओं को लेकर विस्तृत योजना सामने आना बाकी है।