पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी विवादित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर कहा कि वे अब इस मामले से आगे बढ़ चुके हैं। कसौली क्लब में शुक्रवार को शुरू हुए 15वें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में पहुंचे नरवणे ने विदेश नीति, विरोध-प्रदर्शनों, अग्निपथ योजना और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मुद्दों पर भी राय रखी। नरवणे ने कहा कि पुरानी बातों को छोड़कर आगे देखना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किताब अभी प्रकाशक के पास ही है। नरवणे ने लिटफेस्ट में ‘केएसएलएफ फॉरएवर यंग’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने बदलते वैश्विक समीकरणों और भारत की कूटनीतिक चुनौतियों पर कहा कि दुनिया में कोई भी देश किसी का स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, बल्कि देशों के स्थायी हित होते हैं। मुश्किल समय में कौन साथ खड़ा रहा, इसे याद रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर है। अब विस्तार से पढ़ें क्या बोले नरवणे…