हिमाचल प्रदेश में पहली बार PIT-NDPS एक्ट के तहत नशा तस्कर की 48.30 लाख संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया। नूरपुर पुलिस की सिफारिश पर प्राधिकारी ने 16 अक्टूबर 2026 को आदेश दिया। जब्त संपत्ति में कांगड़ा के छन्नी गांव का दो मंजिला मकान, 2.40 लाख रुपए की ड्रग मनी शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह प्रदेश का पहला मामला है जिसमें नशा तस्करी से कमाई संपत्ति पर कार्रवाई हुई। इंदौरा तहसील के सीरत गांव के आरोपी शमशेर सिंह पर चिट्टा तस्करी के 3 मामले दर्ज हैं, जिनमें कुल 28.37 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। 2.40 लाख ड्रग मनी भी शामिल शमशेर सिंह पर 15 मई 2022, 18 सितंबर 2022 और 30 जुलाई 2023 को डमटाल थाने में मामले दर्ज हुए। लगातार तस्करी के चलते उसे PIT-NDPS एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया। उसकी कुल 48 लाख 30 हजार 997 संपत्ति मिली, जिसमें मकान की कीमत 45 लाख 90 हजार 557 रुपए। इसके अलावा, वर्ष 2022 में दर्ज 12 हजार 740 रुपए और 2 लाख 19 हजार 200 रुपए और वर्ष 2023 में बरामद 8 हजार 500 रुपए को ड्रग मनी के रूप में शामिल किया गया है। इस राशि का कुल योग 2 लाख 40 हजार 440 रुपए है। पहले संपत्ति फ्रीज की, अब जब्ती का आदेश नूरपुर पुलिस ने 12 जून 2025 को NDPS एक्ट की धारा 68F(1) के तहत संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। सक्षम प्राधिकारी ने 9 जुलाई 2025 को इसकी पुष्टि की। इसके बाद संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब 16 अक्टूबर 2026 को NDPS एक्ट की धारा 68-I(1) और 68-I(3) के तहत संपत्ति सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश पारित किया गया है। पुलिस के अनुसार, नशे के खिलाफ कार्रवाई अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने और कानून के तहत जब्त करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि नशा कारोबार के आर्थिक आधार को कमजोर किया जा सके।