हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महानवमी पर सोमवार सुबह से ही माता के मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। मंदिरों में कन्या पूजन के अलावा विशेष पूजा-अर्चना, भंडारे और हवन का आयोजन चल रहा है। श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के बाद कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं। इसके साथ ही नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र पर्व का समापन हो रहा है। मंदिरों में उमड़ रही भीड़ से धार्मिक स्थलों पर रौनक बनी हुई है। अष्टमी के दिन रविवार को भी प्रदेश के सात प्रमुख मंदिरों में 1 लाख 23 हजार 700 से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया था। वहीं, नवरात्र के पहले आठ दिनों में 5.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। ज्वालामुखी में सबसे ज्यादा 31 हजार श्रद्धालु पहुंचे अष्टमी पर ज्वालामुखी मंदिर में सबसे अधिक 31 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर में 30 हजार श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह चिंतपूर्णी मंदिर में 18,500, श्रीनयना देवी मंदिर में 15,200, ब्रजेश्वरी मंदिर में 14,500, चामुंडा देवी मंदिर में 11 हजार और बगलामुखी मंदिर में 3,500 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। अष्टमी पर इन सात मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने नवरात्र के दौरान शक्तिपीठों में बढ़ी धार्मिक गतिविधियों को दर्शाया। सोमवार को महानवमी पर भी सुबह से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पंजाब-हरियाणा से ज्यादातर श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे प्रदेश के शक्तिपीठों और मां के दूसरे मंदिरों में हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पश्चिम बंगाल के ज्यादातर श्रद्धालु शिमला के कालीबाडी स्थित मंदिर पहुंच रहे हैं। इसी तरह श्री नैना देवी, चिंतपूर्णी और ज्वालाजी में पंजाब-चंडीगढ़ तथा बालासुंदरी मंदिर में हरियाणा के अधिकांश श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं के PHOTOS..