कांगड़ा जिले की नूरपुर पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एक आरोपी रमेश कुमार की 74.12 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। इन संपत्तियों में सात दुकानों वाला एक दो मंजिला भवन और एक ट्रैक्टर शामिल है। रमेश कुमार के खिलाफ जवाली पुलिस थाने में 6 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी की संपत्तियों और उनके वित्तीय स्रोतों की जांच की थी। फ्रीज की गई संपत्तियों में जवाली के लभ गांव में स्थित दो मंजिला आवासीय भवन-सह-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है, जिसकी कीमत करीब 69 लाख रुपए है। दूसरा एक ट्रैक्टर है, जिसे 2019 में 5.13 लाख रुपए में खरीदा गया था। ट्रैक्टर की खरीद के लिए आय का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जवाली पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी ने 15 अक्टूबर 2026 को इस आदेश की पुष्टि कर दी। अब तक 30.70 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। आदेश के अनुसार, निर्धारित कानूनी शर्तों और आवश्यक अनुमति के बिना इन संपत्तियों का हस्तांतरण या इनके संबंध में प्रतिबंधित लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच पर भी जोर नूरपुर पुलिस अब नशा तस्करी के मामलों में गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच पर भी जोर दे रही है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य तस्करी से होने वाली कमाई पर रोक लगाना और नशे के कारोबार के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है। अब तक तस्करों की कुल 30,70,05,711 रुपए की संपत्तियां जब्त पुलिस जिला नूरपुर के मुताबिक, अब तक सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद नशा तस्करों की कुल 30,70,05,711 रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। पुलिस ने आम जनता से नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील की है।