शिमला जिला के कुमारसैन और थानाधार सब डिवीजन में आपदा राहत राशि से जारी टेंडरों को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। BJP के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जिन सड़कों पर मलबा गिरा ही नहीं और जो यातायात के लिए खुली है, वहां भी मलबा हटाने के नाम पर टेंडर जारी किए जा रहे हैं। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि PWD के दोनों सब डिवीजन में वर्ष 2024-25 की आपदा राहत राशि से ऐसे कार्यों के टेंडर लगाए जा रहे हैं, जिनकी जरूरत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना है। भाजपा प्रवक्ता ने इन आरोपों के समर्थन में सड़कों के निरीक्षण और वीडियो प्रमाण होने का दावा भी किया। भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि कुमारसैन और थानेधार उपमंडलों में आपदा राहत राशि से जारी टेंडरों, किए गए भुगतान, माप पुस्तिकाओं और कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने केंद्र से प्राप्त धनराशि के उपयोगिता प्रमाणपत्र और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की भी मांग की। उन्होंने सीएम के साथ स्थानीय विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए। किट्टी और बड़ौगी-केड़ी सड़क के टेंडरों पर सवाल भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, उन्होंने चार दिन पहले किट्टी सड़क का निरीक्षण किया था। उनका दावा है कि सड़क पर मलबा नहीं था, इसके बावजूद मलबा हटाने के नाम पर नए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कटेड़ी सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां टायरिंग और सफेद पट्टी की मार्किंग पहले ही हो चुकी है, फिर दोबारा मार्किंग के टेंडर लगाए जाने की जानकारी मिली है। भारद्वाज ने बड़ौगी से केड़ी तक करीब डेढ़ से दो किलोमीटर सड़क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सड़क यातायात के लिए खुली है और वहां आपदा से कोई उल्लेखनीय नुकसान नहीं हुआ। इसके बावजूद मलबा हटाने के टेंडर जारी किए गए। विधायक और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग भारद्वाज ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ चुनिंदा ठेकेदारों और कांग्रेस से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने ओडी से बिथल तक हॉर्टिकल्चर सड़क के करीब एक करोड़ रुपए के कार्य का मुद्दा भी उठाया। उनके आरोप के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण और कटिंग के दौरान मलबा डालने के लिए उचित डंपिंग साइट की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे जंगल और बगीचों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने इस मामले में अदालत से स्थगन आदेश भी प्राप्त किया था। बड़ागांव में स्वास्थ्य केंद्र की राशि का मुद्दा उठाया भाजपा प्रवक्ता ने कुमारसैन क्षेत्र के बड़ागांव में प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला उठाते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए उपलब्ध राशि वापस मंगवाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने सवाल किया कि एक ओर स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कार्य लंबित हैं, वहीं दूसरी ओर अनावश्यक टेंडरों पर धन खर्च किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने इनकी जांच कराने की मांग की है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पार्टी स्थानीय लोगों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में संबंधित सड़कों के वीडियो और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे।

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