जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति के मुख्यालय काजा में वन अधिकार अधिनियम (FRA) के मामलों को लेकर पैसे वसूलने और दावों की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि FRA के मामलों को प्रोसेस करने के नाम पर लोगों से हजारों रुपए लेना गैरकानूनी है। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मंत्री ने कहा कि काजा में प्रोजेक्ट एडवाइजरी कमेटी के साथ वन अधिकार अधिनियम (FRA) को लेकर भी मीटिंग हुई। इसके बाद मंत्री ने स्पीति के लोगों से अपील की कि यदि उनसे FRA के मामले आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे गए हैं या वसूले गए हैं, तो वे इसकी शिकायत प्रशासन से करें। उन्होंने कहा कि शिकायतें उनके पास या एफआरए की सब डिवीजन लेवल कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम के पास दी जा सकती हैं। जगत नेगी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि क्षेत्र में कुछ एनजीओ लोगों से FRA के मामलों को प्रोसेस करने के लिए हजारों रुपए ले रहे हैं। इसके अलावा FRA कमेटियों की ओर से भी पैसे लेने की शिकायतें मिली हैं। कुछ लोगों ने इस संबंध में उनसे शिकायत की है। उन्होंने एसडीएम को इन शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। FRA दावा प्रस्तुत करने को सिफारिश की जरूरत नहीं मंत्री ने कहा कि एफआरए के तहत दावा प्रस्तुत करने के लिए किसी की सिफारिश की जरूरत नहीं है। यह कानून लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है। इसलिए दावे की प्रक्रिया के नाम पर लोगों से पैसे वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दावे लेने से इनकार नहीं कर सकती कमेटी नेगी ने कहा कि FRA कमेटी का काम दावेदारों के आवेदन स्वीकार करना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करना है। दावेदार को निर्धारित दो पेज के प्रपत्र में अपने दावे, संबंधित स्थान और उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी देनी होती है। इसके बाद FRA के सचिव को दावा प्राप्त करना और दावेदार को उसकी रसीद देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दावा प्राप्त होने के बाद कमेटी को अपने सदस्यों को सूचित कर मौके के निरीक्षण की तारीख तय करनी चाहिए। निरीक्षण के लिए संबंधित पटवारी, गार्ड, दावेदारों और कमेटी के सदस्यों को सूचना देना भी जरूरी है। मौके पर निरीक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कमेटी को दावेदारों के साथ मनमानी करने या बिना निर्धारित प्रक्रिया के उनके दावे स्वीकार करने से इनकार करने का अधिकार नहीं है। कमेटी का काम मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। ग्रामसभा में प्रस्ताव रखना जरूरी जगत नेगी ने ग्रामसभा की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ मामलों में ग्रामसभा में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बजाय घर-घर जाकर लोगों के हस्ताक्षर करवाए गए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में ऐसा पाया गया तो संबंधित मामले में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। FRA कमेटी की रिपोर्ट ग्रामसभा के समक्ष रखी जानी चाहिए। ग्रामसभा में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमोदन के बाद ही मामला सब डिवीजन लेवल कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। इस प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। शिकायत करने वालों से न डरने की अपील मंत्री ने स्पीति के लोगों से अपील की कि यदि एफआरए के मामलों में उनसे पैसे लिए गए हैं या प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो वे सामने आकर शिकायत करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। आरोपों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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