शारदीय नवरात्र पर हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। पहले तीन दिन में ही छह प्रमुख मंदिरों में एक लाख 65 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं। प्रमुख शक्तिपीठों के साथ-साथ माता के दूसरे मंदिरों में भी सुबह से शाम तक भीड़ उमड़ रही है। श्री नैना देवी, मां चिंतपूर्णी और मां ज्वालाजी मंदिर के अलावा सिरमौर के बाला सुंदरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही देखी जा रही है। हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से भी बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्र को लेकर मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। मंदिर परिसरों में धार्मिक आयोजन और विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। शक्तिपीठों के अलावा शिमला के कालीबाड़ी, तारादेवी और मां हाटेश्वरी मंदिर तथा सोलन के मां शूलिनी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह 3 बजे से खुल रहे नैना देवी मंदिर के कपाट
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों में दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। श्री नैना देवी मंदिर के कपाट रात 3 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जा रहे हैं और यहां रात 11:30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। मां चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह 4 बजे और मां ज्वालाजी, मां बज्रेश्वरी देवी तथा मां चामुंडा देवी मंदिर में सुबह 5 बजे से दर्शन शुरू हो रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और देर शाम तक कतारें लगी रहती हैं। मंदिरों में नवरात्र पर विशेष पूजा
नवरात्र के दौरान पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए माता के दरबार में माथा टेक रहे हैं। मंदिरों में सजावट और धार्मिक आयोजनों से उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। 5 शक्तिपीठों में 1,200 जवान संभाल रहे सुरक्षा
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और अन्य मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। श्री नैना देवी मंदिर में 450 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। मां चिंतपूर्णी मंदिर में भी करीब इतनी ही संख्या में जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान 1,200 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमाचल के प्रमुख शक्तिपीठों में दर्शन की PHOTOS..