हिमाचल प्रदेश में अगले 72 घंटे के दौरान बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश, जबकि लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान चलने और आसमानी बिजली गिरने की आशंका है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में यलो अलर्ट रहेगा। 15 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के ज्यादा सक्रिय होने की संभावना है। इस दिन किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 अक्टूबर से कमजोर पड़ेगा पश्चिमी विक्षोभ IMD के अनुसार 16 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा। इस दिन प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। 17 अक्टूबर को मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ रहने और धूप खिलने के आसार हैं। 18 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी से गिरेगा तापमान, ऊंचे पहाड़ों पर बढ़ेगी ठंड बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अगले चार दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ेगी। मौसम में बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस हो सकता है। धूप खिलने से सोमवार को मिली थी राहत इससे पहले सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। धूप निकलने के बाद प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले स्तर के मुकाबले करीब 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बावजूद इसके राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।