कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए आरोप लगाया कि भाजपा उनके बचाव में खड़ी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सवालों का जवाब देने के बजाय CEC का बचाव कर रही है। कौल सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के मतदान के अधिकार से बड़ा कुछ नहीं है। प्रत्येक नागरिक को वोट देने और पसंद की सरकार चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। यदि मतदाता सूचियों में नाम काटने को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, तो निष्पक्ष जांच करवाना जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
कौल सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष जब चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है, तो भाजपा स्पष्ट जवाब देने के बजाय चुनाव आयोग के समर्थन में उतर आती है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच करवाई जाए और जिन पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाए। जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक
कौल सिंह ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग दोहराई। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है और इन सवालों को दबाने के बजाय उनका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।