हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डर गई है, तभी इंटरनेट और रेलवे स्टेशन बंद करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सुक्खू ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में आंदोलन करने वालों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को अपनी गलती सुधारनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करेगी और वह खुद भी इसमें शामिल होंगे। बीते दो दिनों के दौरान सीएम सुक्खू दिल्ली में कांग्रेस द्वारा वोट चोरी मामले में चलाए जा रहे आंदोलन में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन सबसे बड़ा हथियार है। युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। जब सरकार आंदोलनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश करती है और प्रतिबंध लगाती है, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की बात सुने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करे। वोट के अधिकार पर सवाल उठने से युवा सड़कों पर
सुक्खू ने कहा कि आजादी के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई और संविधान के माध्यम से नागरिकों को मतदान का अधिकार मिला। इसी अधिकार के आधार पर जनता अपनी सरकार चुनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वोट के अधिकार को छीने जाने और वोट चोरी की आशंका से जुड़े सवाल उठते हैं, तो युवा विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं। ऐसे मामलों में उनकी आवाज सुनने के बजाय प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। हिमाचल में आंदोलनकारियों को नहीं रोका: सुक्खू
CM ने अपनी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि हिमाचल में भी विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन होते हैं, लेकिन उनकी सरकार ने आंदोलनकारियों को अपनी बात रखने से नहीं रोका। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध के लिए जगह होनी चाहिए। सरकारों को आंदोलन को दबाने के बजाय उसके पीछे उठाए जा रहे मुद्दों पर विचार करना चाहिए। चुनाव में जनता देगी जवाब
सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस के नेता संघर्ष कर रहे हैं। राजनीतिक लड़ाई में जनता को जागरूक करना जरूरी है, लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करती है। चुनाव के दौरान मतदाता अपने निर्णय से राजनीतिक दलों को जवाब देते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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