दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस का यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध तक सीमित नहीं है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों की जांच तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विरोध जता रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। ऊना में होने वाले प्रदर्शन में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी शामिल होंगी। कांग्रेस ने इन प्रदर्शनों के जरिए ‘वोट चोरी’ के अपने आरोप को प्रदेशभर में जनता के बीच ले जाने और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने की रणनीति बनाई है। क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
कांग्रेस का मुख्य आरोप मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़ रही है और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग को इस मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रही है। दिल्ली में क्या हुआ?
6-7 अक्टूबर को कांग्रेस तथा INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग से मिलकर SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब मांगना चाहते हैं। 7 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने दूसरी बार हिरासत में लिया। इसके विरोध में कांग्रेस हिमाचल में दूसरे दिन भी प्रदर्शन करने जा रही है।