हिमाचल की राजधानी शिमला में लॉ एंड ऑर्डर और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने मॉल रोड समेत शहर के कई चिन्हित क्षेत्रों में रैली, जुलूस, प्रदर्शन, सार्वजनिक सभा और नारेबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने सुरक्षा राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह आदेश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठक या बैंड बजाने के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा ऐसे सामान या वस्तुएं लेकर चलने पर भी रोक रहेगी, जिनका इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा सकता है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों तथा सैन्य कर्मियों पर ड्यूटी निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। इन क्षेत्रों में लागू रहेगा प्रतिबंध
प्रतिबंध छोटा शिमला से कैनेडी हाउस और रिज तक मॉल रोड, रेंडेजवस रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा की ओर जाने वाले मार्ग पर 150 मीटर तक और स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक लागू रहेगा। छोटा शिमला चौक से राजभवन तक भी प्रतिबंध
इसके अलावा छोटा शिमला गुरुद्वारा से कसुम्पटी रोड की ओर लिंक रोड, छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक का क्षेत्र, छोटा शिमला गुरुद्वारा के पास से कसुम्पटी रोड की ओर जाने वाली सीढ़ियां और पैदल मार्ग भी इसके दायरे में हैं। कार्ट रोड से मजीठा हाउस भी प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल
कार्ट रोड से मजीठा हाउस तक लिंक रोड, एजी कार्यालय से कार्ट रोड की ओर जाने वाला रास्ता और सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चौड़ा मैदान जाने वाला मार्ग भी प्रतिबंधित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। पुलिस गुमटी से उपायुक्त कार्यालय के ऊपर की ओर लोअर बाजार की तरफ 50 मीटर तक का क्षेत्र भी आदेश में शामिल है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों से आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि शिमला शहर में सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे

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