शिमला की रामपुर की पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी मोहिन्द्र शर्मा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 3 साल के साधारण कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 30 सितंबर को सुनाया गया। मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि घटना 16 दिसंबर 2025 की है। पीड़िता जब स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी, तब आरोपी मोहिन्द्र अपनी गाड़ी लेकर वहां पहुंचा और उसे स्कूल छोड़ने का झांसा देकर गाड़ी में बैठा लिया। रास्ते में की छेड़छाड़ और दी धमकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, रास्ते में आरोपी ने बालिका के साथ बदसलूकी की। उसने पीड़िता को डराने के लिए झूठा आरोप लगाया कि उसने उसे बीते दिन किसी अन्य व्यक्ति के साथ लाल गाड़ी में देखा था। जब छात्रा ने इस बात का विरोध किया, तो आरोपी उसे रोज उसकी ही गाड़ी में स्कूल आने के लिए दबाव बनाने और धमकाने लगा। स्कूल के गेट पर उतारते समय भी आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। 10 गवाहों के बयानों के आधार पर हुई सजा छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी आपबीती अपने पिता को बताई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने पक्ष रखा और कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर मोहिन्द्र शर्मा को दोषी मानते हुए सजा का ऐलान किया।