हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगेंद्रनगर निवासी धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में दौड़ पूरा कर दूसरा स्थान हासिल किया। सावन की इस उपलब्धि के साथ एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल का पदक इंतजार भी समाप्त हो गया। इससे पहले भारत ने वर्ष 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में पदक जीता था। विदेशी धरती पर एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में यह भारत का पहला पदक बताया जा रहा है। सावन ने वर्ष 2012 में खेल प्रशिक्षण केंद्र जोगेंद्रनगर से एथलेटिक्स का सफर शुरू किया था। उनके कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन में उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी प्रतिभा को निखारा। वर्ष 2012 से 2018 के बीच उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ पदक जीते। वर्ष 2019 में भारतीय सेना में शामिल होने के बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का मंच मिला। अप्रैल 2026 में बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड अप्रैल 2026 में नीदरलैंड के रोटरडैम में अपनी पहली प्रतिस्पर्धी मैराथन में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने वर्ष 1978 में शिवनाथ सिंह के 2:12:00 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। अब एशियन गेम्स में उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड में 21 सेकंड का सुधार किया है। सीएम सुक्खू और कंगना ने दी बधाई सावन 5000 और 10 हजार मीटर में भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। उनकी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सांसद कंगना रनौत, सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने बधाई दी है। रड़ा भखेड़ में जश्न का माहौल सावन की जीत की खबर मिलते ही उनके घर रड़ा भखेड़ में जश्न का माहौल बन गया। माता सुभद्रा देवी, पिता कुलदीप बरवाल, भाई सुमीत बरवाल, भाभी श्वेता बरवाल और पत्नी शबनम ने खुशी जताई। कोच गोपाल ठाकुर ने कहा कि सावन ने मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से कोच का सपना साकार किया है।