हिमाचल में जल रक्षकों को 12 साल की जगह 8 साल की सेवा के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर लेने की अधिसूचना जारी नहीं होने से जल रक्षक संघ में नाराजगी है। संघ का कहना है कि सरकार और जल शक्ति विभाग ने इस पर फैसला कर लिया है, लेकिन पांच महीने बाद भी अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसी मांग को लेकर गुरुवार को सुंदरनगर दौरे पर जल रक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष रूपलाल उर्फ जवालू राम के नेतृत्व में यह मुलाकात पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई। प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम से 8 साल की सेवा के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर लेने की अधिसूचना जारी करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष जवालू राम ने बताया कि जल रक्षक लंबे समय से 12 साल की सेवा अवधि को घटाकर 8 साल करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार और जल शक्ति विभाग ने इस मांग को सही मानते हुए फैसला ले लिया है। हालांकि, वित्त विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण अधिसूचना जारी होने में देरी हो रही है। जल रक्षकों में उलझन की स्थिति उन्होंने कहा कि फैसला होने के बावजूद अधिसूचना जारी न होने से जल रक्षकों में उलझन की स्थिति बनी हुई है। जल रक्षक संघ का दावा है कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से कई बार मुलाकात हो चुकी है। संघ ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी जल्द अधिसूचना जारी करने का भरोसा दिया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलते ही अधिसूचना होगी जारी जवालू राम ने आगे बताया कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि वित्त विभाग से मंजूरी मिलते ही जल्द अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। संघ ने सरकार से मांग की है कि इस फैसले को अब जल्द लागू किया जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे जल रक्षकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के बल्ह दौरे के दौरान भी जल रक्षक संघ उनसे मुलाकात करेगा। इस दौरान वे 8 साल की सेवा के बाद कॉन्ट्रैक्ट की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग फिर दोहराएंगे।

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