ट्रम्प ईरान से इतनी बार बात कर चुके हैं और इतनी बार बात तोड़ चुके हैं कि ये समझना मुश्किल है कि वो बात करना चाहते हैं या नहीं। अगर न्यूयॉर्क में पेज़ेश्कियान के साथ ट्रम्प की बात हुई तो अच्छा होगा, कोई रास्ता निकलेगा। सारी दुनिया यही चाहती है कि खाड़ी का संकट दूर हो।