प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और विधायक पवन काजल ने प्रदेश सरकार पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है। काजल ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय उत्तरी भारत में पहले नंबर पर रहा यह मेडिकल कॉलेज कांग्रेस सरकार की अनदेखी के कारण अब सिर्फ रेफर करने वाला मेडिकल कॉलेज बनकर रह गया है। काजल ने टांडा में मरीजों को रुई, ग्लव्स, ग्लूकोज, पैरासिटामोल और अन्य जरूरी दवाएं न मिल पाने को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी के कारण कांगड़ा, चंबा और हमीरपुर जिलों के लोगों को महंगे इलाज के लिए मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। 20 दिनों से रोबोटिक सर्जरी बंद
टांडा में उपकरण न होने के कारण लगभग 20 दिनों से रोबोटिक सर्जरी बंद पड़ी है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोगियों के ऑपरेशन भी ठप पड़े हैं। मरीजों का ब्लड प्रेशर जांचने की सुविधा तक नहीं है। इमरजेंसी में इलाज के लिए आ रहे मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कई बार विधानसभा में बहुमंजिला कार पार्किंग बनाने की मांग उठाई, लेकिन सरकार अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता को पार्किंग के नाम पर परेशान कर रही है। तीन महीने बाद ही बंद होगी दो नई लिफ्टे
काजल ने यह भी कहा कि एक तरफ हिमाचल सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में नई मशीनें खरीदने का दावा कर रही है, वहीं टांडा में मरीजों के लिए लगाई गई दो नई लिफ्ट तीन महीने बाद ही बंद हो गई हैं। ऐसे में नई मशीनों की गुणवत्ता और खरीद पर सवाल उठना तय है। टांडा में सिटी स्कैन और एमआरआई के लिए तीन से चार महीने बाद की, और अल्ट्रासाउंड के लिए आम जनता को पंद्रह से बीस दिन बाद की तारीख दी जा रही है। काजल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार अपने दोस्तों पर मेहरबान है, लेकिन गरीब जनता परेशान है। इस दौरान कच्छयारी पंचायत प्रधान कपिल, भाजपा अध्यक्ष रंजीत सिंह और अन्य लोग मौजूद रहे।