नंदीग्राम से उनकी उम्मीदवार छोड़कर चली गईं, चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव निशान freeze कर दिया, पार्टी का नाम बदल दिया और ममता इन सबके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार न ठहराएं, तो किसे ठहराएं? पर उन्हें ये सोचना चाहिए कि आख़िरकार ये सब क्यों हुआ?
ESTD.2007
नंदीग्राम से उनकी उम्मीदवार छोड़कर चली गईं, चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव निशान freeze कर दिया, पार्टी का नाम बदल दिया और ममता इन सबके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार न ठहराएं, तो किसे ठहराएं? पर उन्हें ये सोचना चाहिए कि आख़िरकार ये सब क्यों हुआ?