IIMC के राष्ट्रीय सेमिनार में रजत शर्मा ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के सफर और बदलती चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में सच और झूठ में फर्क करना पत्रकार की जिम्मेदारी है। AI को लेकर उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदना और अनुभव की जगह तकनीक नहीं ले सकती। 

Spread the love