मंडी की सांसद कंगना रनोट ने आज जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों को फटकार लगाई। सांसद निधि के फंड का इस्तेमाल नहीं होने पर कंगना अधिकारी पर भड़क गईं। कंगना ने कहा कि ‘इट बिकम ए ब्लडी जोक’, वह नेशनल मीडिया में कुछ बोल भी नहीं पा रही हैं। कंगना ने सभी BDO को खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सांसद का काम पैसे देना होता है, जबकि खर्च इसे अधिकारियों ने करना है। अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर आगे काम भी पक्का करें। उन्होंने पूछा कि पिछली बैठक में जिन बातों और सुझावों पर चर्चा हुई थी, उन पर अभी तक उम्मीद के मुताबिक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ सुझाव और योजनाएं बनाने से बात नहीं बनेगी। इन सुझावों को जमीन पर लागू किया जाए, तभी पता चलेगा कि असली दिक्कतें कहां आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 11 करोड़ में से अभी भी आधी राशि इस्तेमाल नहीं हुई है। फंड के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों से मांगा जवाब सांसद ने सरकारी फंड के इस्तेमाल को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि कई मामलों में केंद्र से पैसा मिलने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। कहीं जमीन की समस्या है तो कहीं मंजूरी और NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के कारण पैसा फंसा है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पूरी लिस्ट बनाने का निर्देश दिया। अटके कामों की मांगी लिस्ट कंगना ने कहा कि हर काम की स्थिति साफ होनी चाहिए कि कितना पूरा हुआ है और कितना अटका है। 40, 50, 60 या 80 प्रतिशत तक हुए कामों की अलग-अलग लिस्ट बनाई जाए। साथ ही, हर मामले के लिए समय पर काम पूरा करने का प्लान भी तैयार किया जाए। जिम्मेदारी तय करने को कहा कंगना ने यह भी कहा कि सिर्फ यह कह देना काफी नहीं है कि जिससे पैसे लेने हैं, उसे वापस करने को कहा गया है। जब तक पैसा सच में सरकारी खाते में वापस नहीं आता, तब तक काम पूरा नहीं माना जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अटके हुए कामों को जल्द पूरा करने और जिम्मेदारी तय करने को कहा। क्षेत्र के विकास कार्यों पर पूरे देश की नजर सांसद ने जोर देकर कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों पर पूरे देश की नजर है। ऐसे में विभागों की लापरवाही से गलत संदेश नहीं जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि हर विभाग की इसी तरह जांच होगी। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय करके रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। देखिए, मीटिंग से जुड़े कुछ PHOTOS…