हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीती रात में तेज बारिश हुई, जिससे जगह-जगह लैंडस्लाइड के कारण 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर रात की बारिश के बाद परवाणू फल मंडी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे कई गाड़ियां भी रातभर मलबे में फंसी रही। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- गुरुवार को भी राज्य के कुछेक हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा और सिरमौर जिला में आज भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, प्रदेश के अन्य जिलों के लिए आज कोई चेतावनी नहीं है। वहीं बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के बाद कई शहरों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का पारा सामान्य से 4 डिग्री तक नीचे गिरा है। IMD के मुताबिक- वेस्टर्न डिस्टरबेंस शुक्रवार से कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके चलते 6 सितंबर तक किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस मानसून सीजन में 8% कम बारिश प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। 1 जून से 2 सितंबर तक हिमाचल में सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। चंबा में सामान्य से 1% कम, हमीरपुर में 31% कम, किन्नौर में 5% कम, कांगड़ा में 3% कम, लाहौल-स्पीति में 60% कम, मंडी में 16% कम और सोलन में नॉर्मल से 12% कम बादल बरसे है। इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश: वहीं बिलासपुर में सामान्य से 13% ज्यादा, कुल्लू में 13%, शिमला में 16%, सिरमौर में 4% और ऊना में नॉर्मल से 1% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा बारिश की कमी लाहौल-स्पीति में 60 फीसदी है, जबकि शिमला में सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1202 करोड़ की संपत्ति तबाह इस मानसून सीजन (एक जून से 2 सितंबर) में अब तक 1202 करोड़ रुपए की सरकारी व प्राइवेट संपत्ति नष्ट हो चुकी है। अकेले पीडब्ल्यूडी को 914 करोड़ रुपए का नुकसान आंका जा चुका है। इस दौरान 110 घर पूरी तरह जमींदोज और 480 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 18 लोगों की मौत लैंडस्लाइड और एक की जान फ्लैश फ्लड में गई है।

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