हिमाचल प्रदेश के हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने वाला महत्वाकांक्षी त्यूड़ी-पंडोगा पुल आगामी सात महीनों के भीतर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। स्वां नदी पर 52 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। आधा किलोमीटर से अधिक लंबे इस पुल के बनने से न केवल क्षेत्र का कायाकल्प होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी एक अभूतपूर्व गति मिलेगी। इंजीनियरिंग और निर्माण के लिहाज से इस विशाल पुल में कुल 13 स्पैन (खंभों के बीच का हिस्सा) बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 11 स्पैन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, शेष बचे दो स्पैन का काम बरसात का मौसम खत्म होते ही युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। पुल को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली एप्रोच रोड (संपर्क सड़क) का कार्य भी निर्धारित समयसीमा के भीतर ही चल रहा है। सड़क निर्माण सहित इस पूरे प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक जनता को समर्पित करने का लक्ष्य तय किया गया है। 15 पंचायतों को सीधा लाभ, गगरेट-चिंतपूर्णी के लोगों का सफर होगा आसान त्यूड़ी-पंडोगा पुल के निर्माण से हरोली क्षेत्र की लगभग 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके अलावा, हरोली के साथ लगते पड़ोसी विधानसभा क्षेत्रों जैसे गगरेट, कुटलैहड़ और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी के हजारों श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों के लिए भी आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।
समय और ईंधन की होगी बड़ी बचत इस पुल के चालू होने से पंडोगा और त्यूड़ी के बीच का सफर करने वाले लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी। पुल बनने से दोनों स्थानों के बीच की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी। दूरी घटने से रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्र-छात्राओं और व्यापारियों के समय तथा कीमती ईंधन (पेट्रोल-डीजल) दोनों की भारी बचत होगी। बेहतर रोड कनेक्टिविटी मिलने से पूरे क्षेत्र में रोजगार और नए व्यापारिक प्रतिष्ठान खुलने के रास्ते भी साफ होंगे। लंबाई के मामले में स्थापित करेगा नया कीर्तिमान स्वां नदी पर बन रहा यह पुल अपनी बेमिसाल लंबाई और भव्य आकार के कारण हिमाचल प्रदेश की ढांचागत उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ेगा। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश का सबसे लंबा पुल, जिसे ‘रामपुर पुल’ के नाम से जाना जाता है, वह भी इसी हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। अब त्यूड़ी-पंडोगा पुल भी अपनी लंबाई और रणनीतिक महत्व के लिहाज से प्रदेश में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी यातायात समस्या का स्थायी अंत होगा। वर्षों पुराना सपना अब धरातल पर साकार: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि त्यूड़ी-पंडोगा पुल क्षेत्रवासियों के लिए एक लंबे समय से देखा जा रहा सपना था, जो अब धरातल पर हकीकत का रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल कंक्रीट और लोहे का एक पुल नहीं है, बल्कि यह हरोली और आसपास के क्षेत्रों के चौमुखी विकास, समृद्धि और लोगों की वर्षों पुरानी बुनियादी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में सरकार द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।”

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