शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर चल रही टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल समाप्त हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धरनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेटरों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर आंदोलन खत्म करवाया। टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से परमिट की अवधि बढ़ाने और वाहनों को फिटनेस के आधार पर संचालित करने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। उनकी मुख्य मांग है कि परमिट की अवधि 12 साल से बढ़ाकर 15 साल की जाए। ऑपरेटरों का तर्क है कि मौजूदा नियमों के कारण परमिट अवधि समाप्त होने के बाद उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। परमिट अवधि पूरी होने के बाद भी, यदि वाहन फिटनेस मानकों पर खरा उतरता है, तो उसे सड़क पर चलाने की अनुमति दी जाए। जयराम ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने टैक्सी ऑपरेटरों की इस मांग को विधानसभा में सरकार के समक्ष उठाया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी रखा जाएगा ताकि ऑपरेटरों को राहत मिल सके। ठाकुर ने जोर दिया कि यह केवल टैक्सी ऑपरेटरों के व्यवसाय का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। मौजूदा नियमों में भी बदलाव की मांग उन्होंने सरकार से ऑपरेटरों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। ऑपरेटरों ने हिमाचल प्रदेश में बस, ट्रक, ऑटो, मालवाहक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के परमिट से संबंधित मौजूदा नियमों में भी बदलाव की मांग की है। व्यावसायिक वाहनों को अधिक अवधि तक चलाने की अनुमति ऑपरेटरों ने बताया कि अन्य राज्यों में व्यावसायिक वाहनों को अधिक अवधि तक चलाने की अनुमति है, और वे हिमाचल में भी ऐसी ही राहत चाहते हैं। बातचीत के बाद, ऑपरेटरों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की, जिसके उपरांत जयराम ठाकुर ने उन्हें जूस पिलाकर हड़ताल खत्म करवाई।